बिहार की राजनीति का सबसे भ्रष्ट और जातिवादी चेहरा: जगन्नाथ मिश्रा
बिहार का सबसे भ्रष्ट और जातिवादी मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा रहा है ।इसी के चारा चोरी जैसे कुकर्म का इल्जाम इसके स्वजातीय गिरोह ने लालू यादव के मत्थे मढ़ा।
भागलपुर के अखफोड़वा कांड को याद कीजिए जिसमें 33 बहुजनों का आंख फोड़कर तेजाब डाला गया था।
इसके स्वजातीय डीएसपी ने इसी के इशारे पर बहुजनों पर ये कहर ढाया था।
कहा जाता है , जबतक इनके हथेली पर हरी पत्ती का बंडल नहीं रखा जाता था तबतक ये मंजन नहीं करते थे।
अंधविश्वासी और पाखंडी इतना कि कुर्सी बचाने के लिए 108 बकरों के खून से नहाया था ।
हाथ के दसों उंगली में रत्नजड़ित अंगूठी पहनते थे।
कुर्सी के लिए अपने भाई को भी बम से उड़वाने का इल्जाम लगा। जातिवादी इतना था कि
स्वजातीय लोगों को धरल्ले से शिक्षक और छोटे मोटे सरकारी पदों पर बहाल कर देते थे। थाना, ब्लॉक,अनुमंडल और जिला स्तर पर सिर्फ ब्राह्मण पदाधिकारी को मलाईदार पद मिलता था।
पटना के सचिवालय में मोटी मोटी चोटीधारी ब्राह्मण अधिकारी हुआ करते थे जिसकी दलाली के लिए मोटी चोटिधारी ब्राह्मण हीं मुश्तैद रहते थे।
पाखंडी ब्राह्मणों को सेट करने के लिए संस्कृत स्कूल भी खोला गया था।
जातिवाद का आलम ये था कि ब्राह्मण के अलावा किसी राजपूत,भूमिहार और कायस्थ को भी फटकने नही देते थे।
किसी एससी, एसटी और ओबीसी की तो बात हीं मत कीजिए।
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